सूतक में पूजा क्यों नही की जाती है ?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ग्रह पूजा पाठ के प्रबल कारक हैं साथ ही बृहस्पति का बड़ा गुण है किसी भी चीज को बढ़ाना। यदि सूतक के समय पूजा पाठ की जाती है तो ब्रहस्पति ग्रह जाग्रत हो जाते हैं और सूतक को बढ़ाने का कार्य करते हैं जबकि सूतक के समय राहु प्रबल रहते हैं ।यदि सूतक के समय पूजा पाठ की जाती है तो ब्रहस्पति भी activate होकर राहु के साथ गुरु चांडाल दोष बनाते हैं जिसके बुरे परिणाम आने लग जाते हैं।
इसी कारण सूतक के समय पूजा -पाठ निषेध बतलाया गया है।
सूतक के समय केवल मानसिक पूजन करना चाहिए। ध्यान आदि करना अधिक लाभकारी रहता है।
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आचार्य (डॉ)राहुल अस्थाना